ये जो पन्ने पन्ने लिखे हुए हैं
चारो और मेरे ...
इन पन्नों को तुम ..
बस समेटने का काम ..
कर देना ...
मुझे लिखना आता हैं ...
समेट कर रखना नहीं...
मेरे बाद तुम
इसे समेट देना इन्हें ...
क्योंकि
मुझे बिखरना आता हैं ...
कागज़ पर ...
शब्दों की तरह ...
:)