Tuesday, February 1, 2022

*****बचपन******

उसकी आँखें तलाशती रहती मुझे....

वो निहारता रहता मुझे आते जाते...

बस देखता रहता दूर से...

उसे पता हैं... मैं कहा हूँ...

बस चुप रहता हैं...

मानो कि मुझसे डरता हो...

झिझकता हैं...

पास नही आता...

हां बस कुछ देती हूँ ...

तो चुपके से लेकर रख लेता हैं...

प्यार बहुत हैं शायद...

बस दिखाता नही हैं...

बचपन...

बचपन... बस ऐसा ही होता हैं...

मिले हो बचपन से कभी...

आओ ..

तुम्हे भी मिलाओ कभी....

😊

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