ऐसे ही तुम्हारी याद
चली आती हैं
वो न समय देखती हैं
न पहर ,न दिन देखती
न रात ,बस तुम्हे
अपने पास पाना
चाहती हें
तुम्हे अपनी गोद
में सुलाकर वही
तुम्हारे चहेरे की
शीतलता निहारते
हुए मन शांत
होना चाहता हैं
तुम्हारे बालो में
वो हाथ घुमाकर
बस अपनी ख़ुशी
ढूंढती मेरी आँखे
जो बंद हो जाती हैं
असहय ही और
बस यही कहना
चाहती हें
बार बार कि
बस अब चले
आयो तुम कि
अब तुम्हारी
यादो में जीना
मुश्किल सा लगता हें ....
चली आती हैं
वो न समय देखती हैं
न पहर ,न दिन देखती
न रात ,बस तुम्हे
अपने पास पाना
चाहती हें
तुम्हे अपनी गोद
में सुलाकर वही
तुम्हारे चहेरे की
शीतलता निहारते
हुए मन शांत
होना चाहता हैं
तुम्हारे बालो में
वो हाथ घुमाकर
बस अपनी ख़ुशी
ढूंढती मेरी आँखे
जो बंद हो जाती हैं
असहय ही और
बस यही कहना
चाहती हें
बार बार कि
बस अब चले
आयो तुम कि
अब तुम्हारी
यादो में जीना
मुश्किल सा लगता हें ....
nice doctor
ReplyDeletethank you :)
Delete