जितने पन्ने
उतनी कहानिया
जितनी कहानिया
उतनी जिन्दिगिया
जितनी जिन्दगी
उतने लोग
जितने लोग
उतनी बाते
जितनी बाते
उतना तुम और मैं
जितनी तुम में मैं
उतना मेरा प्यार
और जितने मुझ में तुम
उतने मेरे विचार
जितने मेरे विचार
उतने फिर से पन्ने
और फिर से
एक
नई कहानी
नई जिंदगी
और
थोड़े से तुम मैं
नई सी वही
मैं .....
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