Sunday, August 4, 2013

जिंदगी..एक कैनवास ..एक पेड की डाली ..एक पत्ती..मेरा प्यार ..और तुम

जरुरी नही की हर बार
आवाज ही दूँ तुम्हे ,

बस कभी कभी खुद मे
खो जाना चाहती हू मै

इसका मतलब ये नही
की प्रेम नही तुमसे

बस अनकहे शब्दों को समझ लेना तुम
हमेशा की तरह

गर न समझ पाए कभी तो
ये न समझना की नाराजगी थी कोई

बस खुद को तलाशने को
खो जाना चाहती हू मै

हमेशा हमेशा के लिए ,
बस तुम्हारी ही तुम्हारी

         मै ....

1 comment: