****शरीर के सौदे****
शरीर के सौदे वो हर रॊज करते है
और भरते है अपने घाँव
लेकिन भूल जाते है कि शरीर क़ी
रुमानियत से नहीं भरा करते घाँव
वों भरा करते है किसी के प्रेम से
किसी के स्पर्श से
पर नहीं समझा करते बस कहते है
कि नही आया मुझे प्रेम करना
किसी को भुलाना माफ़ करना
और हर बार अनेक घाँव
भर लाते है उसी शरीर पर
और कोशिश करते हर घाँव
मिटाने की उसी शरीर का
सौदा कर ब़ार ब़ार
लकिन भूल जाते वो
कि शरीर के सौदे नही हुआ करते
घाँव भरा करते सिर्फ किसी के प्रेम से...
शरीर के सौदे वो हर रॊज करते है
और भरते है अपने घाँव
लेकिन भूल जाते है कि शरीर क़ी
रुमानियत से नहीं भरा करते घाँव
वों भरा करते है किसी के प्रेम से
किसी के स्पर्श से
पर नहीं समझा करते बस कहते है
कि नही आया मुझे प्रेम करना
किसी को भुलाना माफ़ करना
और हर बार अनेक घाँव
भर लाते है उसी शरीर पर
और कोशिश करते हर घाँव
मिटाने की उसी शरीर का
सौदा कर ब़ार ब़ार
लकिन भूल जाते वो
कि शरीर के सौदे नही हुआ करते
घाँव भरा करते सिर्फ किसी के प्रेम से...
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